मध्य प्रदेश के प्रमुख मेले(Major fairs of Madhya Pradesh) - GK Study

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मध्य प्रदेश के प्रमुख मेले(Major fairs of Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश के प्रमुख मेले



(1).सिंहस्थ सिंहस्थ शिप्रा नदी पर चैत्र मास की पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा तक जय महान स्नान पर्व चलता है कुंभ पवित्रतम मेला माना जाता है इस मेले में लोगों की अत्यंत श्रद्धा रहती है मध्यप्रदेश में उज्जैन एक मात्र स्थान है जहां कुंभ का मेला लगता है बृहस्पति के सिंह राशि पर आने पर कुंभ मेला लगता है यह ग्रह स्थिति प्रत्येक 12 साल में एक बार आती है इसी कारण उज्जैन में लगने वाले कुंभ को सिंहस्थ कहा जाता है
2.रामलीला का मेला यही जिला ग्वालियर जिले की भांडेर तहसील में लगता है 100 वर्षों से अधिक समय से चला आ रहा यह मेला जनवरी-फरवरी माह में लगता है
3.हीरा भूमिया मेला यह मेला ग्वालियर , गुना में आयोजित होता है

हीरामन बाबा का नाम ग्वालियर और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है यह कहा जाता है कि हीरा मन बाबा के आशीर्वाद से महिलाओं का बांझपन.  पर दूर होता है कई बरसों पुराना यह मेला अगस्त-सितंबर में आयोजित किया जाता है
4.नागाजी का मेला अकबर कालीन संत नागाजी की स्मृति में यह मेला लगता है यह मेला मुरैना जिला के पोरसा कस्बे में एक माह तक चलता है
5.तेजाजी का मेलायह मेला गुना जिले के भामाबाद  में पिछले 70 वर्षों से लगता चला आ रहा है
6.कालू जी महाराज का मेलायह मेला पश्चिमी निमाड़ (खरगोन )  के पिपलिया खुर्द में 1 महीने तक यह मेला लगता है कहा जाता है कि 200 वर्ष पूर्व कालू जी महाराज यहां पर अपनी शक्ति से आदमी और जानवरों की बीमारी ठीक करते थे
7.जागेश्वरी का मेलाहजारों सालों से अशोकनगर जिले के चंदेरी नामक स्थान में यह मेला लगता चला आ रहा है कहा जाता है कि चंदेरी के शासक जागेश्वरी देवी के भक्त थे 
8.अमरकंटक का शिवरात्रि मेला शहडोल जिले के अमरकंटक नामों के स्थान में यह मेला लगता है यह मेला शिवरात्रि को लगता है
9.महामृत्युंजय का मेला रीवा जिले में महामृत्युंजय का मंदिर स्थित है जहां बसंत पंचमी और शिवरात्रि को मेला लगता है
10.चंडी देवी का मेला सीधी जिले के घोघरा नामक स्थान पर चंडी देवी को सरस्वती का अवतार माना जाता है यहां पर  मार्च-अप्रैल में मेला लगता है
11.काना बाबा का मेला होशंगाबाद जिले के सोडलपुर नामक गांव में काना बाबा की समाधि पर यह मेला लगता है
12.बाबा साहब उद्दीन औलिया का उर्स मेलायह और नीमच में फरवरी माह में आयोजित किया जाता है जो 4 दिनों तक चलता है यहां बाबा शहाबुद्दीन की मजार है


13.मठ घोघरा का मेलासिवनी जिले मैं मैं शिवरात्रि को 15 दिन चली मेला लगता है यहां पर प्राकृतिक झील और गुफा भी है
14.सिंगाजी का मेलापश्चिमी निमाड़ (खरगोन) के पीपलिया गांव में आग सितंबर में 1 सप्ताह का मेला लगता है सिंगा जी एक महान संत थे
15.बरमान का मेला नरसिंहपुर जिले के सुप्रसिद्ध ब्राह्मण घाट पर मकर सक्रांति पर 13 दिवसीय मेला लगता है
16.धामोनी उर्स का (बाबा मस्तान शाह अली की दरगाह का मेला) सागर जिले के धामोनी नामक स्थान पर बाबा मस्तान अली शाह की मजार पर अप्रैल-मई में यह  लगता है
17.कुंडेश्वर का मेला यह प्रतिवर्ष शिवरात्रि मकर सक्रांति व बसंत पचमी पर टीकमगढ़ जिले से 6 किलोमीटर दूर स्थित दक्षिण की ओर जमदार नदी के किनारे शिव मंदिर पर मनाया जाता है
18. बड़ौनी का मेला यह मेला शिवरात्रि बाघ गुरु पूर्णिमा को बरौनी में योगेश्वर पहाड़ी (दतिया) पर लगता है 
19.सनकुआ का मेलाकार्तिक पूर्णिमा से 15 दिन तक सेवड़ा नामक कस्बे के सनकुआ नामक स्थान पर सिंध नदी के तट पर यह मेला लगता है(दतिया)
20.मंधाता का मेलाकार्तिक माह का सात दिवसीय मेला मंधाता (खंडवा) में लगता है
21.जल बिहारी मेलायह छतरपुर जिले में लगता है अक्टूबर माह का 10 दिवसीय मेला है
22.सोनागिरी का मेलायह मेला चेत्र माह में सोनागिरी (दतिया) में लगता है
23.शारदा मां का मेला यह सतना जिले के मैहर में लगता है
24.रतनगढ़ मेला यह दीपावली की दूज के दिन रतनगढ़ दतिया में लगता है


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