विश्व के प्रमुख संगठन-2(Major Organizations of the World-2) - GK Study

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विश्व के प्रमुख संगठन-2(Major Organizations of the World-2)

विश्व के प्रमुख संगठन तथा उनकी जानकारी पार्ट -2


1.  अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) :: इसकी स्थापना जुलाई 1956 में हुई तथा इसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में है यद्यपि यह संसद विश्व बैंक से निकल रूप से संबंध है तथापि यह पृथक इकाई है इसका उद्देश्य विकासशील सदस्य राज्यों में निजी उद्योगों को वित्तीय सहायता देना है


2. अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (वर्ल्ड बैंक) :: इसकी स्थापना 1944 ईस्वी में ब्रिटेन वुड्स कॉन्फ्रेंस के साथ की गई जो विश्व के धनी एवं निर्धन देशों का प्रथम सम्मेलन था इसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में है
विश्व बैंक चार संस्थाओं का समूह है
1.1945 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक

2.1956 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम

3.1916 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय विकास संघ

4.1988 में स्थापित मल्टीलेटरल निवेश गारंटी एजेंसी

विश्व बैंक का प्रधान उद्देश्य पूंजी निवेश नियोजन की सुविधा देकर सदस्यों के प्रदेशों के पुनर्निर्माण एवं विकास में सहायता देना है यह निजी विदेशी पूंजी नियोजन को प्रोत्साहन देता है और सदस्य राज्यों को निजी पूंजी उपलब्ध ना होने पर उन्हें ऋण देता है
* यह सदस्य राज्य की आर्थिक सुविधाओं के विकास के लिए धन उधार देता है वर्तमान में इसके सदस्य देशों की संख्या 189 है

3.  संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO)::
एस की स्थापना जनवरी 1967 में हुई थी और इसका मुख्यालय विएना (ऑस्ट्रिया) में है
इस संगठन का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र संघ के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास से संबंधित कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित करना है
यह विकासशील देशों में औद्योगिकरण तेज करने तथा उसे प्रोत्साहन देने वाली विशिष्ट एजेंसी है
यह सरकार तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को नीति परामर्श निवेश प्रोत्साहन तथा तकनीकी समर्थन द्वारा सहायता प्रदान करती है

4. अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र :: अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र अंकटाड एवं विश्व व्यापार संगठन के लिए तकनीकी सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करता है यह विश्व व्यापार के विकास एवं वृद्धि में तकनीकी सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र ऐसे विकासशील देशों के साथ काम करता है जिनकी अर्थव्यवस्था परिवर्तन के दौर में  साथ ही यह उनके व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए आयात निर्यात पर सहयोगी नजर रखता है अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के विशेषज्ञता के क्षेत्र निम्नलिखित है  उत्पादन एवं बाजार विकास , व्यापार सहयोगी सेवाओं का विकास , व्यापारिक संचार मानव संसाधन विकास , अंतरराष्ट्रीय खरीद एवं आपूर्ति प्रबंधन , अंतरराष्ट्रीय व्यापार वृद्धि के लिए आवश्यकता एवं कार्यक्रम रूपरेखा बनाना
 का मुख्यालय जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में

5. खाद्य एवं कृषि संगठन :: इसकी स्थापना 16 अक्टूबर 1945 में खाद्य एवं कृषि संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन क्यूबेक सिटी (कनाडा) के फलस्वरूप हुई संगठन को 14 दिसंबर 1946 को संयुक्त राष्ट्र संघ का विशिष्ट अभिकरण बनाया गया
इसका  उद्देश्य जीवन के स्तर को बढ़ाना खाद्य पदार्थों के उत्पादन तथा विवरण की तथा वितरण की क्षमता में वृद्धि करना ग्रामीण जनसंख्या की दशा में सुधार करना अर्थव्यवस्था में सुधार करना 2006 तक इसके सदस्यों की संख्या 189 थी इसके तीन भाग हैं 1.सम्मेलन , 2. काउंसिल 3.महानिदेशक यह संगठन सदस्यों की एक परिषद है जिसे विश्व खाद्य परिषद कहा जाता है खाद्य और कृषि संगठन खाद्य संकट की समस्या को हल करने में सतत प्रयत्नशील है इसका महानिदेशक 6 वर्ष के लिए चुना जाता है इसका मुख्यालय रोम इटली में है

6. विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) :: इस संस्था का संविधान 22 जुलाई 1946 को स्वीकृत हुआ था और इसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई इसका उद्देश्य विश्व के देशों की आम जनता को स्वास्थ्य की उच्चतम दशा को प्राप्त करवाना है इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य के कार्यों का संचालन एवं समन्वयमहामारी ओं एवं बीमारियों के उन्मूलन को प्रोत्साहित करना आहार पोषण निवास ग्रह और सफाई तथा काम करने की दशाओं को उन्नत करना है नवंबर 2006 तक इसके सदस्य 193 हैं इसके प्रमुख भाग है 1.असेंबली 2.कार्यकारी सभा 3.सचिवालय इसका मुख्यालय जेनेवा स्वीटजरलैंड में है


7. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण :: इस अभिकरण की स्थापना यूनाइटेड नेशंस के संरक्षण में 29 जुलाई 1957 में हुई यह 7 दिसंबर 1944 के सिविल उड्डयन के शिकागो अभीसमय में हुई 4 अप्रैल 1947 को इसे संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की समस्याओं का अध्ययन नागरिक उड्डयन के अंतरराष्ट्रीय मानदंड एवं नियम निश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य है इसके अतिरिक्त यह अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन की महासभा में अपनी रिपोर्ट सालाना प्रस्तुत करती है इसके कानून को 26 अक्टूबर 1956 को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्वीकृति  मिली इस अभिकरण का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना है विश्व भर में शांति स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए परमाणु उर्जा को द्रुत गति से व्यापक बनाना भी इसका उद्देश्य है 35 सदस्य बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और एक सचिवालय जिसका अध्यक्ष महानिदेशक होता है नवंबर 2006 तक अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण के 142 सदस्य थे


इसकी अनुसंधान प्रयोगशाला ऑस्ट्रिया  और मोनक्को  में है सैद्धांतिक भौतिक का अंतर्राष्ट्रीय केंद्र दृष्टि में 1964 ईस्वी में स्थापित हुआ था इसका संचालन यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण दोनों मिलकर करते हैं


8.संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम :: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम महासभा के 22 नवंबर 1965 के रेजोल्यूशन के फल स्वरूप अस्तित्व में आया इसका उद्देश्य अल्पविकसित देशों को यांत्रिक सहायता उपलब्ध कराकर आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से उन्नत करना था यूएनडीपी का निर्माण और यूएन स्पेशल फंड (UNSF) को मिलाकर किया गया संयुक्त राष्ट्र द्वारा तकनीकी सहायता के लिए दिया जाने वाला धन यूएनडीपी के माध्यम से ही दिया जाता है नंबर 2006 तक यूएनडीपी 166 से अधिक देशों में कार्यरत है

9. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन :: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की स्थापना 1883 में औद्योगिक संपदा संरक्षण पर पेरिस में हुए समझौते और 1886 में साहित्यिक तथा कलात्मक संरक्षण पर बर्न  में हुए समझौते के आधार पर की गई थी इसकी स्थापना के समझौते पर 1967 में स्टॉकहोम में 51 देशों द्वारा हस्ताक्षर हुए थे और यह अप्रैल 1970 में लागू हुआ 1974 में डब्ल्यू आई पी ओ(WIPO)  संयुक्त राष्ट्र का एक विशेष अभिकरण बना वर्तमान में विश्व संपदा संगठन में 183 सदस्य राष्ट्र हैं इस संगठन के प्रमुख कार्यों में रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रक्रिया को सरल बनाना साहित्यिक व कलात्मक गतिविधियों के प्रसार द्वारा औद्योगिक एवं सांस्कृतिक विकास को गति देना बौद्धिक संपदा संरक्षण में सहायक चालू संधियों समझौतों को स्वीकृति एवं प्रोत्साहन देना राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा कानूनों के निर्माण में मदद करना तथा विकासशील देशों को विधिक एवं प्रौद्योगिकी संबंधी सहायता प्रदान करना शामिल है इसका मुख्यालय जेनेवा स्वीटजरलैंड में है





विश्व के प्रमुख संगठन-1(Major Organizations of the World-1)

विश्व के प्रमुख संगठन-3(Major Organizations of the World-3)

"बचे हुए संगठन की जानकारी आप अगले पोस्ट में प्राप्त करेंगे धन्यवाद !!!!"
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